Friday, September 19, 2014
Thursday, March 22, 2012
अप्रेल 2012 : श्री हनुमतजयंती
स्थाई :
स्वात्मकथन-सम्माननीय प्राथमिकता*५, पंचांग*७-८,हमारे संत-महात्मा: बाबा नीम करोली-रवि प्रकाश पांडे 'राजीदा'-*१५,श्रीकृष्ण-*२९,
श्रीराम -*३३, वास्तुसंजीवनी-दाम्पत्य सुख के अचूक उपाय-महेश शर्मा*३७,हमारे देवी-देवता -भगवान सूर्य*३९, ज्योतिष-संजीवनी-आयु ष्य निर्णय -पंडित भवानी खंडेलवाल*४१,
अन्तरंग :
दान (तात्विक मीमांसा) - पंडित तनसुखराम शर्मा *२७.
सुंदर कांड की चिन्मयता - भंवरलाल लक्ष्मीनिवास राठी *३१.
श्री हनुमत्चिन्तन -राम रसायन तुम्हारे पासा !सदा रहो रघुपति के दासा!! दयाशंकर सिंह दास *३५.
विशेष :
विशेष :
मेनेजमेंट गुरु हनुमान-आनंद पराशर*९.
सेवा कार्यों से आत्मसत्ता को विश्व सत्ता बनाएं-स्वामी चक्रपानी*११.
ब्लॉग बेहतर या किताब -समीरलाल*१३.
हूनर का कोई विकल्प नहीं-एन. रघुरमण*१४.
निम्बार्क सम्प्रदाय में दीक्षा-श्री गजानन शर्मा*१९.
सेवा कार्यों से आत्मसत्ता को विश्व सत्ता बनाएं-स्वामी चक्रपानी*११.
ब्लॉग बेहतर या किताब -समीरलाल*१३.
हूनर का कोई विकल्प नहीं-एन. रघुरमण*१४.
निम्बार्क सम्प्रदाय में दीक्षा-श्री गजानन शर्मा*१९.
मार्च : २०१२ होलिकोत्सव
स्वात्मकथन-कर्म का उदेश्य ही धर्म की कसौटी*५, पंचांग*७, आरोग्य-संजी वनी - प्राणायाम से मन की चंचलता का ह्रास -राकेश कुमार *१२, हमारे संत-महात्मा: बाबा नीम करोली-रवि प्रकाश पांडे 'राजीदा'-*१५, व्रत-पर्वोत्सव -संतान कष्ट करें दूर-पंडित गौरव शर्मा*१७,अनुष्ठान-संजीवनी -होलिकोत्सव-महेश शर्मा*२२, वास्तु-संजीवनी -कुंवा-पंडित भवानी खंडेलवाल*२४, श्रीकृष्ण-*२५, श् रीराम -*२७, हमारे देवी-देवता -भगवान सूर्य*३५, ज्योतिष-संजीवनी -होली और ज्योतिष -पंडित चन्द्र मोहन दाधीच*३७, रिपोर्ट*३९
अन्तरंग :
दान (तात्विक मीमांसा) - पंडित तनसुखराम शर्मा *२३.
सुंदर कांड की चिन्मयता - भंवरलाल लक्ष्मीनिवास राठी *२७.
श्री हनुमत्चिन्तन -राम रसायन तुम्हारे पासा !सदा रहो रघुपति के दासा!! दयाशंकर सिंह दास *३1.
विशेष :
विशेष :
परिवार का प्रत्येक सदस्य प्रेम की डोर से जुदा रहे-सुशीला शर्मा*६.
अमंगल का दहन-पंडित चन्द्र मोहन दाधीच*९.
आस्तिक दर्शन -पंडित तनसुखराम शर्मा*११.
बढ़ता खर्च घटता सम्मान -सुनील सादी*13
अमंगल का दहन-पंडित चन्द्र मोहन दाधीच*९.
आस्तिक दर्शन -पंडित तनसुखराम शर्मा*११.
बढ़ता खर्च घटता सम्मान -सुनील सादी*13
निम्बार्क सम्प्रदाय में दीक्षा -श्री गजानन शर्मा*१९.
Saturday, February 25, 2012
फरवरी २०१२ बसंत पंचमी
स्थाई :
स्थाई :
स्वात्मकथन-आस्तिक दर्शन*५, पंचांग*७,हमारे संत-महात्मा: बाबा नीम करोली-रवि प्रकाश पांडे 'राजीदा'-*१३, पाठक पीठ*२०,श्रीकृष्ण-*२७,आरोग्य-सं जीवनी-रोगों से दूर रखता है सेब -महेश शर्मा *३३, श्रीराम -*३४,हमारे देवी-देवता -*३५,ज्योतिष-संजीवनी- विवाह में विलम्ब से न घबराएँ -पंडित भवानी खंडेलवाल*३७,व्रत-पर्वोत्सव -भिश्माष्ट्मी-महेश शर्मा *३८,
अनुष्ठान-संजीवनी -भिश्माष्ट्मी -महेश शर्मा *३९,
अन्तरंग :
अनुष्ठान-संजीवनी -भिश्माष्ट्मी
अन्तरंग :
दान (तात्विक मीमांसा) - पंडित तनसुखराम शर्मा *२१
सुंदर कांड की चिन्मयता - भंवरलाल लक्ष्मीनिवास राठी *२३
श्री हनुमत्चिन्तन -अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता !अस बार दीन्ह जानकी माता !! दयाशंकर सिंह दास *२९
विशेष :
बसंत पंचमी - विद्या की अधिष्ठात्री देवी सरस्वती का पूजन महोत्सव -आचार्य पवनकुमार शास्त्री*९
वीणा पुस्तक धारिणी-वैद्य ओमप्रकाश चोटिया*१५
निम्बार्काचार्य का जगत्त विवेचन -श्री गजानन शर्मा*१७
वीणा पुस्तक धारिणी-वैद्य ओमप्रकाश चोटिया*१५
निम्बार्काचार्य का जगत्त विवेचन -श्री गजानन शर्मा*१७
जनवरी २०१२ : नूतन वर्ष अभिनन्दन
स्थाई :
स्वात्मकथन-देव विग्रह विज्ञान *५, पंचांग*७,ज्योतिष-संजीवनी -वार्षिक राशिफल २०१२-पंडित भवानी खंडेलवाल*९,आरोग्य-संजीवनी - *१८,हमारे संत-महात्मा: बाबा नीम करोली-रवि प्रकाश पांडे 'राजीदा'-*१९,अनुष्ठान-संजीवनी- मकर संक्रांति*३३,श्रीकृष्ण-*३४, व् रत-पर्वोत्सव -उन्नति लाएगी यह मकर संक्रांति-महेश शर्मा *३९, श्रीराम -*४१, हमारे देवी-देवता -*४२,
अन्तरंग :
अन्तरंग :
दान (तात्विक मीमांसा) - पंडित तनसुखराम शर्मा *२७,
सुंदर कांड की चिन्मयता - भंवरलाल लक्ष्मीनिवास राठी *३१
श्री हनुमत्चिन्तन -साधू संत के तुम रखवारे!असुर निकंदन रामदुलारे!! दयाशंकर सिंह दास *३३
विशेष :
निम्बार्क सम्प्रदाय की पीठिका-श्री गजानन शर्मा*२५
दिसंबर २०१२ जेसराज पीपलवा मेमोरियल उच्च प्राथमिक विद्यालय,आदर्श विध्यामंदिर, सुजानगढ़
स्थाई :
स्वात्मकथन- राष्ट्रीयता को कलंकित ना करें *५,पंचांग*७, रिपोर्ट*१२, हमारे संत-महात्मा: बाबा नीम करोली-रवि प्रकाश पांडे 'राजीदा'-*१९, श्रीकृष्ण-*२९, श ्रीराम -*३५,हमारे देवी-देवता -*३७,ज्योतिष-संजीवनी -चंद्रमा दोष निवारण उपाय -पंडित नंदकिशोर शर्मा *३९,आरोग्य-संजीवनी -कैसा हो हमारा मन -वैद्य ओमप्रकाश चोटिया*४१, वास्तु-संजीवनी-निर्माण के समय रखें ध्यान-महेशशर्मा*४२,
अन्तरंग :
दान (तात्विक मीमांसा) - पंडित तनसुखराम शर्मा *२३
चिंतन का चन्दन :क्षमा -ॐ पारदर्शी *२५
सुंदर कांड की चिन्मयता - भंवरलाल लक्ष्मीनिवास राठी *२७
सुंदर कांड की चिन्मयता - भंवरलाल लक्ष्मीनिवास राठी *२७
श्री हनुमत्चिन्तन -चारों युग परताप तुम्हारा! है परसिद्ध जगत उजियारा!! - दयाशंकर सिंह दास *३१
विशेष :
देव को जगाएं - बद्रीप्रसाद पंचोली *९
पहाड़ी नदियों के साथ एक सफ़र -रामनिवास *११
निम्बार्क दर्शन में ब्रह्म-विवेचन -श्री गजानन शर्मा*१३
तुलसी रामायण के अचूक मन्त्र -प्रकाश शर्मा*१७
शुभ चिंतकों की राय को तवज्जो दें-एन.रघुरमण*२६
पहाड़ी नदियों के साथ एक सफ़र -रामनिवास *११
निम्बार्क दर्शन में ब्रह्म-विवेचन -श्री गजानन शर्मा*१३
तुलसी रामायण के अचूक मन्त्र -प्रकाश शर्मा*१७
शुभ चिंतकों की राय को तवज्जो दें-एन.रघुरमण*२६
नवम्बर २०१२ : श्री निम्बार्काचार्य जी
स्थाई :
पाठक पीठ *५, पंचांग* ६, स्वात्मकथन-ये कोन है *७, हमारे संत-महात्मा: बाबा नीम करोली-रवि प्रकाश पांडे 'राजीदा'-*१९, वास्तु-संजीवनी -महेशशर्मा*२२, ज्योतिष-संजी वनी -शुभ गृह भी महामारक बनते है -पंडित भवानी खंडेलवाल*२७, श्रीकृष्ण-*३०, श्रीराम -*३३,अनुष्ठान-संजीवनी -*३७,हमारे देवी-देवता -*३९,व्रत-पर्वोत्सव -लक्ष्मी अर्जन करना सबसे बड़ा पुरुषार्थ*४१,
आरोग्य-संजीवनी - *४२,
अन्तरंग :
दान (तात्विक मीमांसा) - पंडित तनसुखराम शर्मा *२१
सुंदर कांड की चिन्मयता - भंवरलाल लक्ष्मीनिवास राठी *३१
चिंतन का चन्दन :दीपोत्सव-ॐ पारदर्शी *२३
निम्बार्क सम्प्रदाय की पीठिका-श्री गजानन शर्मा*२५ सुंदर कांड की चिन्मयता - भंवरलाल लक्ष्मीनिवास राठी *३१
श्री हनुमत्चिन्तन -और मनोरथ जो कोई लावे!सोई अमित जीवन फल पावे!! दयाशंकर सिंह दास *35
विशेष :
करें महालक्ष्मी जी का स्वागत -रामकृष्ण सेवदा*९
श्रीमद्भागवत महासमारोह बड़नगर-रामनिवास नवहाल *११
श्रीभागवत रुपोयम प्रत्यक्ष : कृष्ण एवही - अ.श्री वि.श्री जयकृष्णदेवाचार्याजी महाराज*१५
देवाधीनम जगत सर्वं- अ.श्री वि.श्री नारायनाचार्याजी महाराज*२९
Saturday, October 15, 2011
श्रीमद्भागवत महासमारोह बड़नगर
पाठक पीठ *५, पंचांग* ६, स्वात्मकथन-ये कोन है *७, हमारे संत-महात्मा: बाबा नीम करोली-रवि प्रकाश पांडे 'राजीदा'-*१९, वास्तु-संजीवनी -महेशशर्मा*२२, ज्योतिष-संजीवनी -शुभ गृह भी महामारक बनते है -पंडित भवानी खंडेलवाल*२७, श्रीकृष्ण-*३०, श्रीराम -*३३,अनुष्ठान-संजीवनी -*३७,हमारे देवी-देवता -*३९,व्रत-पर्वोत्सव -लक्ष्मी अर्जन करना सबसे बड़ा पुरुषार्थ*४१,
आरोग्य-संजीवनी - *४२,
अन्तरंग :
दान (तात्विक मीमांसा) - पंडित तनसुखराम शर्मा *२१
सुंदर कांड की चिन्मयता - भंवरलाल लक्ष्मीनिवास राठी *३१
चिंतन का चन्दन :दीपोत्सव-ॐ पारदर्शी *२३
निम्बार्क सम्प्रदाय की पीठिका-श्री गजानन शर्मा*२५ सुंदर कांड की चिन्मयता - भंवरलाल लक्ष्मीनिवास राठी *३१
श्री हनुमत्चिन्तन -और मनोरथ जो कोई लावे!सोई अमित जीवन फल पावे!! दयाशंकर सिंह दास *35
विशेष :
करें महालक्ष्मी जी का स्वागत -रामकृष्ण सेवदा*९
श्रीमद्भागवत महासमारोह बड़नगर-रामनिवास नवहाल *११
श्रीभागवत रुपोयम प्रत्यक्ष : कृष्ण एवही - अ.श्री वि.श्री जयकृष्णदेवाचार्याजी महाराज*१५
देवाधीनम जगत सर्वं- अ.श्री वि.श्री नारायनाचार्याजी महाराज*२९
नंदोत्सव श्रीनिम्बार्कपीठ काचरिया किशनगढ़
स्थाई :
पंचांग* ५, स्वात्मकथन- *७ , श्रीकृष्ण-*१७,व्रत-पर्वोत्सव - *२३, श्रीराम -*२५, हमारे देवी-देवता -*३१, ज्योतिष-संजीवनी - -पंडित भवानी खंडेलवाल*३५, वास्तु -प्रकाश शर्मा *३७ , अनुष्ठान-संजीवनी -*३८ ,
आरोग्य-संजीवनी - योग द्वारा मधुमेह रोग से स्थाई मुक्ति - नरेन्द्र मार्कंडेय*३९,
अन्तरंग :
जिज्ञासायें - पंडित तनसुखराम शर्मा *८
चिंतन का चन्दन : - ॐ पारदर्शी *१3
दान (तात्विक मीमांसा) - पंडित तनसुखराम शर्मा *१५
सुंदर कांड की चिन्मयता - भंवरलाल लक्ष्मीनिवास राठी *१९
श्री हनुमत्चिन्तन-संकट से हनुमान छुडावें!मन क्रम वचन ध्यान जो लावे!! - दयाशंकर सिंह दास *२७
विशेष :
नंदोत्सव श्रीनिम्बार्कपीठ काचरिया किशनगढ़ -रामकृष्ण सेवदा*९
Tuesday, July 26, 2011
रथ यात्रा एवं ब्रह्मोत्सव : अगस्त २०११
स्थाई :
पंचांग* ५, स्वात्मकथन-आस्तिकता *७ , श्रीकृष्ण-माता देवकी के मृत शिशुओं को वापस लाना*१७,व्रत-पर्वोत्सव -बहुला चतुर्थी *२३, श्रीराम -माता का आनंद*२५, हमारे देवी-देवता -अर्यमा सूर्य का ध्यान*३१, ज्योतिष-संजीवनी -शुभ गृह भी महामारक बनते हैं -पंडित भवानी खंडेलवाल*३५, वास्तु -प्रकाश शर्मा *३७ , अनुष्ठान-संजीवनी -संतान बाधा योग और जन्माष्टमी*३८ ,
आरोग्य-संजीवनी - योग द्वारा मधुमेह रोग से स्थाई मुक्ति - नरेन्द्र मार्कंडेय*३९,
अन्तरंग :
जिज्ञासायें - पंडित तनसुखराम शर्मा *८
चिंतन का चन्दन : देश भक्ति - ॐ पारदर्शी *१3
दान (तात्विक मीमांसा) - पंडित तनसुखराम शर्मा *१५
सुंदर कांड की चिन्मयता - भंवरलाल लक्ष्मीनिवास राठी *१९
श्री हनुमत्चिन्तन-संकट से हनुमान छुडावें!मन क्रम वचन ध्यान जो लावे!! - दयाशंकर सिंह दास *२७ विशेष :
ब्रह्मोत्सव एवं रथ यात्रा -रामकृष्ण सेवदा*९ और ४०
हमारे संत महात्मा - बाबा नीम करोली - कृपा याचना - रवि प्रकाश पांडे 'राजीदा'*३३
श्री तिरुपति बालाजी वेंकटेश देवस्थान गुमाश्ता नगर का रथ यात्रा महोत्सव*39
गुरु पूर्णिमा*४१
श्री गुरु पूर्णिमा : जुलाई २०११
स्थाई : पंचांग*4, स्वात्मकथन-व्यावसायिक शिक्षा *५, श्रीकृष्ण-सुदामा सत्कार *१९ , श्रीराम-रामावतार *२९ हमारे देवी-देवता -धाता सूर्य का ध्यान *३३ , ज्योतिष-संजीवनी -संतति योग और अवयोग -पंडित भवानी खंडेलवाल *३५ , वास्तु -प्रकाश शर्मा *३७ , अनुष्ठान-संजीवनी -गुरु पूर्णिमा ३८ ,
आरोग्य-संजीवनी - योग द्वारा मधुमेह रोग से स्थाई मुक्ति - नरेन्द्र मार्कंडेय ४० , व्रत-पर्वोत्सव -व्यास पूजा गुरु पूर्णिमा की महिमा -श्रीधर सिंह दयालपुरी *४१
अन्तरंग :
चिंतन का चन्दन : चातुर्मास का महत्व - ॐ पारदर्शी *१८
शास्त्र ही प्रमाण क्यों ? - पंडित तनसुखराम शर्मा *२१
सुंदर कांड की चिन्मयता - भंवरलाल लक्ष्मीनिवास राठी * २३
श्री हनुमत्चिन्तन - नासे रोग हरे सब पीरा ! जपत निरंतर हनुमत बीरा !! - दयाशंकर सिंह दास *३१
जिज्ञासायें - पंडित तनसुखराम शर्मा *३९
विशेष :
गुरु के आलोक ने रचा है सभ्य समाज - हीरालाल सेवदा *७
गुरु शिष्य परम्परा और आज का युवा - पवनकुमार शर्मा एड्वोकेट *११
आज भी कायम है गुरु कुल परम्परा - महेश शर्मा *१२
साक्षात् परब्रह्म के समान है गुरु - ललित भूषण *१३
सच्चा गुरु - अंजनीकुमार शर्मा *१५
सच्चा गुरु - अंजनीकुमार शर्मा *१५
भारत के संतों और सेनिकों का त्याग - सुनील सादी *१६
आँख मूंदकर जोखिम उठाना ठीक नहीं - एन . राघुरामन *१७
संसार में हर जगह जरुरी है संतुलन - पंडित विजयशंकर मेहता *२७
जब कशी नरेश ने अपनी महारानी को दण्डित किया - सुशिल शर्मा *३६
दान की महिमा - राकेश शर्मा *४२
Monday, June 6, 2011
प्रिय भगवद भक्त
सादर जय श्री हरि !
समग्र चेतना हेतु अध्यात्म-ज्ञान-विज्ञानं , पर्यावरण संरक्षण ,भारतीय गो-वंश रक्षण-संवर्धन ,
धर्म - संस्कार - शिक्षा - साहित्य और संस्कृति के स्वाध्याय से आत्मविकास हेतु
पठनीय सर्वोत्तम पारिवारिक पत्रिका "कलियुग संजीवनी" हिंदी मासिक निरंतर प्रेषित की जा रही है.
आज के इस भोतिकतावादी युग में हम जो प्रयत्न कर रहे है वह समय की जरुरत के आगे कुछ भी नहीं
है । आप भी चाहें तो...........
'भारतीय समाज में संस्कार निर्माण के माध्यम से पुनरुथान"
के इस अभिनव प्रयोग में सक्रिय सहभागी बनकर असीम
भगवत्कृपा,बुजुर्गों की दुवायें मात्री शक्ति की आशीष, सक्रीय सहयोगियों का साथ,
स्थाई सुख पा सकते है >
१- "कलियुग संजीवनी" द्वारा अध्यात्म ज्ञान-विज्ञानं , शिक्षा-प्रसार , संस्कार-निर्माण ,
३- "कलियुग संजीवनी" में अपने व्यावसायिक प्रतिष्ठान के विज्ञापन से पत्रिका को
आर्थिक संबल तो प्रदान करेंगे ही समाज को आपके सामर्थ्य का व्यापक परिचय मिलेगा
जिसका आपको चतुर्दिक लाभ मिलना तय है। *
४-आप "कलियुग संजीवनी" विशिस्ट संरक्षक /संरक्षक / परिवार विशिस्ट सदस्य / परिवार सदस्य बनकर पत्रिका के प्रसारमें मह्त्व भूमिका निभा सकते है. **
५ -आप "कलियुग संजीवनी" के अधिकाधिक सदस्य बनाकर हमारे प्रयासों को सार्थकता प्रदान कर सकते है.
६ -आप "कलियुग संजीवनी" से सेवा संस्थानों को जोड़कर कार्य करने के लिए प्रेरित कर
सकते है जिसकी आज हमें सबसे ज्यादा जरुरत है.
७- आप समय-समय पर "कलियुग संजीवनी" में सेवा संस्थानों के सेवा कार्यों की जानकारी
देकर अन्य लोगों
सादर जय श्री हरि !
समग्र चेतना हेतु अध्यात्म-ज्ञान-विज्ञानं , पर्यावरण संरक्षण ,भारतीय गो-वंश रक्षण-संवर्धन ,
धर्म - संस्कार - शिक्षा - साहित्य और संस्कृति के स्वाध्याय से आत्मविकास हेतु
पठनीय सर्वोत्तम पारिवारिक पत्रिका "कलियुग संजीवनी" हिंदी मासिक निरंतर प्रेषित की जा रही है.
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भगवत्कृपा,बुजुर्गों की दुवायें मात्री शक्ति की आशीष, सक्रीय सहयोगियों का साथ,
युवजनों के आकर्षण, बालकों की श्रद्धा के साथ-साथ तन की स्फूर्ति,
मन की शांति, उत्तम संस्कार, विचारों में सयंम, जीवन में सरलता ,विश्वास में शक्ति ,
चतुर्दिक सफलता , आर्थिक सम्पन्नत्ता ,समृद्ध- स्नेहिल-परिवार ,समाज में सम्मान , मन की शांति, उत्तम संस्कार, विचारों में सयंम, जीवन में सरलता ,विश्वास में शक्ति ,
स्थाई सुख पा सकते है >
१- "कलियुग संजीवनी" द्वारा अध्यात्म ज्ञान-विज्ञानं , शिक्षा-प्रसार , संस्कार-निर्माण ,
पर्यावरण-संरक्षण , भारतीय गो-वंश रक्षण-संवर्धन , सत साहित्य-प्रकाशन-प्रकल्पों में
तन -मन-धन से सहयोग कर ! #
2- अपने अनुभवों से मार्गदर्शित कर !तन -मन-धन से सहयोग कर ! #
३- "कलियुग संजीवनी" में अपने व्यावसायिक प्रतिष्ठान के विज्ञापन से पत्रिका को
आर्थिक संबल तो प्रदान करेंगे ही समाज को आपके सामर्थ्य का व्यापक परिचय मिलेगा
जिसका आपको चतुर्दिक लाभ मिलना तय है। *
४-आप "कलियुग संजीवनी" विशिस्ट संरक्षक /संरक्षक / परिवार विशिस्ट सदस्य / परिवार सदस्य बनकर पत्रिका के प्रसारमें मह्त्व भूमिका निभा सकते है. **
५ -आप "कलियुग संजीवनी" के अधिकाधिक सदस्य बनाकर हमारे प्रयासों को सार्थकता प्रदान कर सकते है.
६ -आप "कलियुग संजीवनी" से सेवा संस्थानों को जोड़कर कार्य करने के लिए प्रेरित कर
सकते है जिसकी आज हमें सबसे ज्यादा जरुरत है.
७- आप समय-समय पर "कलियुग संजीवनी" में सेवा संस्थानों के सेवा कार्यों की जानकारी
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